** सनातन धर्म:- ऊ धर्म जे अनादि अनन्त वाला ह. आज संसार में सनातन धर्म माने वाला के आजो बहुतायत बा! ई बात अलग बा कि अनेक लोगन के ई मालुमे नइखे कि ऊ सनातन धर्म मानेलन. नासमझी से अनेक लोग मत, मजहब, relijan [religion] आदि के धर्म कहेलन.
ई जानल जरूरी बा कि धर्म का ह!
हर चीज, सजीव आ निर्जीव के कुछ गुण धर्म [ProparTi, necar] होला, जे से उनकर भरण पोषण आ संतति वृद्धि होला!
उदाहरण:
अग्नि, आग के गुण ह ताप आ प्रकाश किरण के उत्पादन आ फ़ैलावल.
जल से जीव.
वृक्ष से छाया आ फल आदि. लता के लातरल!
सांप के ससरल !
मानव के सब के कल्याण भलाई कईल आ कईल चाहल!
दानव के खाली आपन स्वार्थ सिद्धि आ काटे मारे तोड़े हानि करे में आनंद!
आज इक्कीसवीं सदी के पूर्वार्ध में मानव, दानव के मोटा मोटी एक धर्म आ मुख्य मत आ संसार में पृथ्वी पर ओकर माने वाला लोगन के संख्या देल जाता:
1. सनातन धर्म
2. यहूदी मत
3. जैन मत
4. बौद्ध मत
5. ईसाई मत, relijion
6. इस्लाम मजहब, मत
7. सिख मत
8. साम्यवाद मत
9. बाकी सब
ग्लोबल भोजपुरी 26.10.9125.
No comments:
Post a Comment